Essay on Mother in Hindi For Students

essay on mother in hindi – माँ पर हिंदी निबंध

आज के इस लेख के माध्यम से हम सीखेंगे माँ पर हिंदी निबंध 2021 जो परीक्षा की दृष्टिकोण से अत्यधिक लाभप्रद और सहायक सिद्ध होने वाली है | आज के इस लेख में हम लघु , मध्यम तथा दीर्घ निबन्ध ( short , medium and long hindi essay ) प्रस्तुत करने जा रहे है जो आपकी आवश्यकताओं की पूर्ति कर पाने में सक्षम साबित होगी तो चलिए चलते है निबंध की ओर – 

माँ पर हिंदी निबंध 2021 

निबंध 1 ( 200 शब्दों में ) –

माँ ममता की प्रतिक होती है | माँ पूजनीय होती है | माँ भगवान की एक सुन्दर रचना है | माँ से ही इस संसार का निर्माण संभव हो सका है | विभिन्न धार्मिक ग्रंथो तथा पवित्र किताबो में लिखा है – माँ के पैरों के निचे जन्नत ( स्वर्ग ) है | इस संसार में जितने भी महान इंसान पैदा हुए है उनका अस्तित्व सिर्फ एक माँ से ही था |

माँ के अस्तित्व के बाद ही इस संसार का अस्तित है | माँ ने हमारी धरती की रक्षा के लिए तथा उनकी गरिमा को बचाये रखने के लिए हमे धरातल पर जन्म दिया है , माँ के वगैर संभव नहीं है | कहा जाता है माँ की ममता को कभी तौला नहीं जा सकता है | माँ अपने बच्चे  को निःस्वार्थ और अपार प्रेम करती है |

एक माँ जब अपने बच्चें को जन्म देती है तो उस समय मनुष्य के दर्द बर्दास्त करने की एक निश्चित सीमा को भी लांघ देती है | कभी – कभी एक माँ अपने बच्चें को जन्म देते समय त्याग के उस ऊँचाई पर चले जाते है जहा से वे अपने बच्चें को जीवन देकर मृत्यु को गले लगा लेती है | इस संसार  में माँ के जैसी प्रेम कोई कर ही नहीं सकता है | उनके त्याग और कुर्बानियो को कभी भुलाया नहीं जा सकता है |

essay on mother in hindi

essay on mother in hindi – माँ पर हिंदी निबंध

निबंध 2 ( 400 शब्दों ) –

माँ  इस धरातल की एक विशाल और महत्वपूर्ण धरोहर है | हम आज जहा है जो कर रहे है जिस भी सफलता को प्राप्त कर चुके है उसमे हमारी माँ का निःस्वार्थ बलिदान शामिल है | माँ भगवान् का ईश्वरीय रूप है जिसके चरणों को स्पर्श करने से हमारा जीवन मंगलमय होता है जिसकी पूजा करने से हम संसार की कठिन परिस्थितियों को मात देने का माददा प्राप्त करते है |

माँ हमे सुख के समय खुश होने का कारन बन जाती है और दुःख के समय में दुखो को दूर करने वाली देवी बन जाती है | हम इंसानो के लिए भगवान् के द्वारा दिए गए सबसे विशिस्ट और महत्वपूर्ण उपहारों में से माँ सबसे बड़ा उपहार है | कहते है किसी भी संकट से लड़ने के लिए माँ का दर्शन आपको नयी ऊर्जा और साहस से भर देता है |

जब एक बच्चा जन्म लता है तो पहला शब्द माँ बोलता है | तब माँ ही हमारी दुनिया होती है | माँ की कुर्बानियों और त्याग का पता तब चलता है जब माँ अपने बच्चे को सुलाने के लिए पूरी रात सोने के बजाय जाग कर गुजार देती है | अपने बच्चे को खिलाने के लिए खुद भूखा रहती है | हमारे लिए पहला स्कूल माँ का गोद होता है और पहली  शिक्षक माँ ही होती है |

दुनिया में लाखों ऐसी भी माँ है जो दुनिया से पति को खो चुकी है और फिर माँ ही अपने बच्चो के लिए दिन रात एक कर , मेहनत – मजदूरी कर अपने बच्चे का लालन पालन करती है | माँ हमारी माँ के साथ एक अच्छी शिक्षक और दोस्त भी होती है जो हमारे रुचियों और आवश्यकताओं को पूरी तरह समझती है |

माँ हमे जीवन की सच्चाई से रूबरू कराती है | हमे बुराई और अच्छाई में फर्क करना बताती है | हमे स्वयं में आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करती है | माँ हमारे लिए मार्गदर्शक के रूप भूमिका का निर्वाहन भी करती है जिससे हम जीवन में कठिन परिस्थितियों से लड़ने के लिए सबल और सक्षम बन पाते है |

इस दुनिया में किसी इंसान के पास कितनी ही अधिकता में संपत्ति और धनं क्यों न हो परन्तु उसके पास माँ नहीं हो तो उसका जीवन सुना – सुना सा लगता है और वे खुद को बड़ा बदनसीब मानते है | जिस इंसान के पास माँ है वो चाहे कितना भी गरीब क्यों न हो वे वास्तविक रूप से धनवान और खुशनसीब होते है वही दूसरी ओर जिस इंसान के पास बहुत अधिक दौलत हो परन्तु माँ का साया नहीं है वो इंसान दौलत होने पर भी बदनसीब होता है |

निबंध 3  ( 800 शब्दों में ) –

प्रस्तावना –

माँ इस संसार की सबसे अनमोल दौलत है | जिसके कदमो के निचे जन्नत (स्वर्ग ) है | माँ हमारे लिए भगवान् से बढ़कर स्थान रखती है | माँ हमारे लिए हमेशा प्रार्थना करती है | माँ की दुआ हमारे साथ हमेशा रहती है | माँ अपने बच्चे के द्वारा दुखी होने पर भी मुस्कुराती है | माँ की ममता समुद्र के जैसी गहरी होती है |

माँ की ममता का कोई दूसरा विकल्प नहीं होता है | एक माँ होना संसार का सबसे कष्टदायक कार्य है | माँ अपने बच्चे के लिए पूरी जिंदगी समर्पित कर देती है | आज दुनिया की इतनी बड़ी आबादी जो धरातल पर अस्तित्व में रहती है वो सब माँ के कारण ही संभव हो पाया है | दुनिया में जितने भी प्रकार के प्राणी आज अस्तित्व में वे सब उनकी माँ के कारण ही है |

इस संसार की सबसे बड़ी करुणा से भड़ी कोई शब्द है तो वो माँ है | माँ का उच्चारण करने से ऐसा लगता है के पूरी दुनिया का प्रेम इसी शब्द से निकलता है | ऐसा प्रतीत होता है के इस शब्द में समुद्र से भी बड़ी प्रेम का वास है | माँ हमारे लिए संसार की तरह होती है तथा एक माँ के लिए उनका बच्चा संसार होता है |

माँ का महत्व –

माँ हमारे लिए एक बड़ी धरोहर की तरह है जिसका सम्मान और सत्कार हमेश बनाये रखना चाहिए | जीवन में जितने भी लोग आज सफल हुए है उन सब के पीछे एक माँ की दुआ हमेशा साथ रहती है | जीवन के धुप – छाँव में माँ हमेशा साथ देती है | जब मनुष्य किसी मुश्किल या संकट में फँस जाता है तो उसके करीबी , दोस्त , रिश्तेदार आदि सभी साथ छोर देते है परन्तु माँ ही एक ऐसी शक्ति होती है जो अपने बच्चे का साथ कभी नहीं छोड़ती है |

माँ एक ऐसी शक्ति होती है जिसके सामने दुनिया का सारा बल फीका अथवा कमजोर पर जाता है | माँ में अनेक शक्तिया विधमान होती है | माँ की एक बद्दुआ पुरे धरती और आसमान को हिला सकती है | माँ की आस्था इतना मजबूत होता है के अपने बच्चे की जिंदगी पाताल लोक से भी छीन कर ला सकती है | माँ एक बच्चे के सुख – दुःख का स्थायी साथी होती है |

एक माँ अपने बच्चे के दुःख में दुखी तथा सुख सुखी होती है | एक माँ अपने बच्चे के लिए दुनिया की सारी दौलत को ठुकराने को तैयार हो जाती है | इस धरती पर माँ के जैसी त्याग देने वाली कोई दूसरा पात्र ने जन्म नहीं लिया है | माँ की ममता के सामने देश की विशाल ताकत और साम्राज्य भी झुक जाती है | माँ ने अपने बच्चे की ख़ुशी के लिए हर समय त्याग और साहस का परिचय दिया है | 

उपसंहार –

माँ हमारे लिए भगवान से भी बढ़कर है परन्तु कही न कही हम इसे शर्मिंदा भी कर देते है शायद इसका हमे अंदाजा नहीं होता है | माँ का स्थान हमारे दिल और आत्मा में होना चाहिए बजाय इसके हम उन्हें ठोकर खाने के लिए सड़को और रेलमार्गो पर छोड़ देते है | जब एक माँ अपने बच्चे के लिए त्याग और संघर्ष की दास्ताँ लिख देते है तो वही बच्चे बड़े होकर अपनी माँ को सडको पर छोर देते है भटकने के लिए |

माँ अपने बच्चो को निःस्वार्थ भाव के साथ प्रेम करती है | उन्हें अपने बच्चे से कोई आवश्यकता नहीं होती है  बस वे अपने बच्चे के लिए हर वक्त प्रार्थना करती रहती है | मगर दुनिया के कुछ इंसान ऐसे भी है जो अपनी माँ का सम्मान और सत्कार नहीं करते है | आज के समय में बहुत सारे ऐसे भी इंसान है जिसे अपनी माँ का कोई ख्याल नहीं रहता है | माँ के लिए कोई सेवा नहीं करे है |

माँ को बस नकारते रहते है | लेकिन आज हमे स्वयं में झाँकना होगा हमे अपनी माँ के लिए सम्मान को पैदा करना होगा | हमे अपनी माँ के लिए सेवा भाव को आत्मा में बसाना होगा | हमे अपनी माँ की बद्दुआ से बचना होगा | आज के बाद हम सभी लोग मिलकर ये वचन ले की हम कभी अपनी माँ को नाराज नहीं करेंगे |

उन्हें सम्मान और आदर करेंगे | उनके लिए अपनी खुशियों का गाला घोटेंगे | उनकी ख़ुशी में अपनी ख़ुशी समझेंगे | हम माँ को देवी की तरह पूजेंगे और उनका आशीर्वाद प्राप्त करेंगे | उनकी चरणों में जाकर विश्राम करेंगे और उनके चरण को स्पर्श कर जीवन को खुशहाल और समृद्ध बनाएँगे | माँ जैसी अमूल्य धरोहर को हमेशा के लिए सुरक्षित रखेंगे और उनका सम्मान करेंगे | आज हम वचन करते है के अपनी माँ को कभी दुखी नहीं करेंगे बल्कि उनकी ख़ुशी के लिए अपनी ख़ुशी का त्याग कर देंगे | 

इस लेख को प्यार देने के लिए आपका शुक्रिया ! 

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