Hindi Essay on Republic Day For Students

hindi essay on republic day

 hindi essay on republic day – गणतंत्र दिवस पर हिंदी निबंध

आइये आज सीखेंगे गणतंत्र दिवस पर हिंदी निबंध 2021 —

आइये हम गणतंत्र दिवस को हिंदी में समझने की कोशिश  करते है | यह निबंध बच्चो की शिक्षा में काफी ज्यादा मददगार साबित होगी तथा इस निबंध को पढ़ने के बाद बच्चो में राष्ट्रीयता और सदभावना का विकास सम्पन्न होगा |यह निबंध सभी वर्ग के बच्चो के लिए उपयोगी साबित होगी |

प्रस्तावना –

प्रत्येक वर्ष  26 जनवरी को पुरे भारतवर्ष में गणतंत्र दिवस मनाया जाता है | गणतंत्र दिवस भारत का राष्ट्रीय त्यौहार है | इस दिन हमारे देश में लोकतान्त्रिक गणराज्य स्थापित हुआ था | 26 जनवरी 1950 को भारत का संविधान लागु किया गया था | इस दिन को  पुरे भारतवर्ष में बड़े ही धूम धाम से मनाया जाता है |

इस दिन ही हर हिन्दुस्तानी को अपना अधिकार प्राप्त हुआ था जिससे वो एक स्वतंत्र जीवन जी सके | इसलिए हम सभी भारतवासी इस दिन को खूब जश्न व हर्षोउल्लास के साथ मनाते है | इस दिन राष्ट्रीय अवकास होता है |

गणतंत्र दिवस का इतिहास क्या है ? —

 भारत के स्वतंत्र हो जाने के बाद संविधान सभा की घोषणा हुई और इसने अपना कार्य 9 दिसम्बर 1947 से आरंभ कर दिया।  के सदस्य भारत के राज्यों की सभाओं के निर्वाचित सदस्यों के द्वारा चुने गए थे। डॉ० भीमराव अम्बेडकर, जवाहरलाल नेहरू, डॉ राजेन्द्र प्रसाद, सरदार वल्लभ भाई पटेल, मौलाना अबुल कलाम आजाद आदि इस सभा के प्रमुख सदस्य थे।संविधान निर्माण में कुल 22 समितीयाँ थी जिसमें प्रारूप समिति (ड्राफ्टींग कमेटी) सबसे प्रमुख एवं महत्त्वपूर्ण समिति थी | 

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और इस समिति का कार्य संपूर्ण ‘संविधान लिखना’ या ‘निर्माण करना’ था। प्रारूप समिति के अध्यक्ष विधिवेत्ता डॉ० भीमराव आंबेडकर थे। प्रारूप समिति ने और उसमें विशेष रूप से डॉ. आंबेडकर जी ने 2 वर्ष, 11 माह, 18 दिन में भारतीय संविधान का निर्माण किया और संविधान सभा के अध्यक्ष डॉ. राजेन्द्र प्रसाद को 26 नवम्बर 1949 को भारत का संविधान सुपूर्द किया, इसलिए 26 नवंबर को भारत में संविधान दिवस के रूप में प्रति वर्ष मनाया जाता है|

गणतंत्र दिवस एक राष्ट्रीय पर्व के रूप में – 

26 जनवरी के दिन दिल्ली के लालकिले में राष्ट्रपति के द्वारा भारतीय राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाता है |  सभी लोग आदर के साथ खरे होकर राष्ट्रीय गान गुनगुनाते है  और उन्हें सलामी देकर सम्मानित करते है | इसके पश्चात भारतीय सेनाओ के द्वारा झांकी का आयोजन किया जाता है |हवाई मार्ग का प्रयोग करते हुए एयरोप्लेन के द्वारा राष्ट्रीय ध्वज को रंगो के साथ ऊँची आसमान में लहराया जाता है |

सेनाओ द्वारा विभिन्न कार्यक्रमो का आयोजन प्रदर्शित किया जाता है | इस मनमोहक दृश्य को पूरी दुनिया देखती रहती है जिससे हम सभी हीन्दुस्तानी को एक अलग ही गर्व का अहसास होता है |गणतंत्र दिवस एक राष्ट्रीय पर्व है | इसलिए इस दिन सभी धर्म , समुदाय तथा पंथ के लोग एक साथ इस पर्व को बड़े ही धूम धाम के साथ मनाते है

| इस दिन सभी लोग अपनी संस्कृति , सभ्यता , धर्म व जातीय भेदभाव के बिना एकजुट होकर इस पर्व को हर्षोउल्लास के साथ मनाते है | दिल्ली के लालकिले में परेड व विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों तथा विभिन्न् कृत्यों का आयोजन किया जाता है | भारत के हर कोने से देशभक्ति गीतों की गूंज सुनाई देती है | ढोल, नगारे , नाट्यकलाओ का प्रदर्शन बड़े ही धूमधाम के साथ देखने को मिलता है |

देश के सभी विद्यालयों में बच्चे राष्ट्रीय ध्वज के साथ रैलयो में भाग लेते हुए दिखाई देते है | देश के बच्चे, बूढ़े, जवान सभी आयु वर्ग के लोगो में एक अलग ही ख़ुशी का अहसास होता है |देश के सभी महलो , घरो के ऊपर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा लहराता हुआ दिखाई देता है |

किसान , मजदुर सभी वर्ग के लोग खुश दिखाई देते है | विद्यालय के बच्चो के द्वारा नाट्य – कला का प्रदर्शन भी लोगो को खूब मोहता और आकर्षित करता है | सभी बच्चे ठण्ड में भी एक दूसरे के साथ स्कूल जाते हुए दिखाई देते है उनमे एक अलग ही देश के प्रति भाव देखने को मिलता है |

गणतंत्र दिवस का महत्व –

26 जनवरी का दिन एक महत्वपूर्ण दिन होता है | यह एक राष्ट्रीय पर्व के रूप में मनाया जाता है | आज हम सभी हिंदुस्तानी चाहे वह किस भी संस्कृति व सभ्यता , धर्म , जाती व संप्रदाय का क्यों नहीं हो पहले हम एक हिंदुस्तानी है इस बात का प्रमाण हमारा संविधान है | हम सभी संप्रदाय के लोगो ने मिलकर अपने देश को स्वतंत्र कराया है इस बात की पुस्टि हमारा लिखित संविधान ही करता है |

हमे समानता से जीने का अधिकार इसी गणतंत्र दिवस के वजह से ही प्राप्त हुआ है | क्योंकि यही वह दिन है जिस दिन हमे हमारा अधिकार प्राप्त हुआ था | अगर हमारे पास लिखित संविधान नहीं होता तो हम आज स्वयं को पीड़ित महसूस करते तथा देशवाशियो तथा अपने देश से नफरत करते | हम अपने देश को बहुत प्यार इसलिए करते है की हमे जीने का सामान अधिकार प्राप्त है |

हमे अवसरों को सामान रूप से उपभोग करने का अधिकार प्राप्त है | हमारे साथ धर्म , संप्रदाय , जाती , रंग – रूप तथा किसी भी सामाजिक पृष्भूमि के आधार पर नहीं बांटा जाता है बजाये ये के हमे अपनी योगयता के आधार  पर वर्ग निर्धारित किया जाता है | स्वंतंत्र व एक समान जीवन जीने का अधिकार संविधान से ही हमे प्राप्त है |

निष्कर्ष – 

हम हिन्दुस्तानी को आज़ाद होते हुए लगभग 70 वर्ष की  अवधी पूर्ण हो चुकी है | इन सत्तर वर्षो में हमने बहुत विकास किया है  | हम टेक्नोलॉजी की मदद से कई देशो को पीछे छोर चुके है | शिक्षा के छेत्र में  हम अपना लोहा विदेशो में भी मनवा चुके है | विश्वस्तरीय हम स्वयं को इतना सबल बना पाए है की हमे हिंदुस्तानी होने पर गर्व की अनुभूति होती है |

हमने कई सारे दुर्लभ  अंतरिक्ष मिशन को भी पूर्ण  किया है | स्वास्थ्य  छेत्र में भी हमने कई देशो को पीछे छोर दिया है | हम हर वक्त स्वयं को सबल बनाने के लिए प्रयासपूर्ण रहते है | परन्तु कुछ छेत्रो में भी हम आज स्वयं को बहुत पीछे देखते है जैसे काला धन , रिश्वतखोरी , बेरोज़गारी इत्यादि कई मामलो में स्वयं को अन्य देशो से कमतर बना बैठे है |

और अब तो कुछः सामाजिक तत्वों ने तो हमे सांप्रदायिक रंग भी देने का काम कर रहा है | हमे रंग – रुप तथ धर्म के आधार पर बांटने का भी काम किया जा रहा है |ऐसी परिस्थिति इसलिए सामने आ रही के हम हिंदुस्तानी शायद इस बात को भूल रहे  है की हमने अंग्रज़ो की दासता भरी ज़िन्दगी से मिलकर ही स्वंय को स्वतंत्र किया है |

हमे हर वक्त इस बात को याद रखना चाहिए के हम हिंदुस्तानी अपनी संस्कृति , सभ्यता , गरिमा तथा अतिथि सत्कार के कारण ही पूरी दुनिया का ध्यान आकृस्ट कर पाते है | परन्तु हमारी सभ्यता टूट गयी तो  हम फिर से टूट जायेंगे और बिलकुल बीमार पर जाएंगे हमे स्वस्थ्य रहने के लिए अपनी संस्कृति व सभ्यता को बनाये रखना ही होगा  | ध्नयवाद !

HINDI ESSAY ON REPUBLIC DAY 

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इस लेख को प्यार देने के लिए आपका दिल से आभार !

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