Women Empowerment Essay in Hindi For Students

 women empowerment essay in hindi – महिला शशक्तिकरण पर हिंदी निबंध 

आज के इस लेख के माध्यम से हम सीखेंगे महिला शशक्तिकरण पर निबंध 2021  जो कक्षा 2 , 3 , 4 , 5 …….12 तक सभी वर्ग के विद्यार्थियों के लिए परीक्षा की दृष्टिकोण से  लाभप्रद और सहायक सिद्ध होने वाली है जिसमे हमने आपकी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए महिला शशक्तिकरण पर निबंध ( short , medium and long hindi essay ) प्रस्तुत किये है | आशा करता हूँ आपको पसंद आएगा तो चलिए चलते है निबद्ध की ओर —

महिला शशक्तिकरण पर हिंदी निबंध – 2021 

निबंध 1 ( 100 शब्दों में ) – 

महिला शशक्तिकरण का अर्थ हम सरल भाषा में इस तरह समझ सकते है की जब महिलायें अपने जीवन से जुड़ी सभी पहलुओं पर स्वयं विचार औरनिर्णय लेने में सक्षम हो जाए , वह अपनी क्षमताओं और अधिकार की भली – भाँति समझ जाए यही महिला शशक्तिकरण है |

महिलाओ की स्थिति आज समाज में सही नहीं है परन्तु अब महिलाओ को उनकी वास्तविक स्थिति और सम्मान समाज और देश में प्राप्त हो जाए ये महिला शशक्तिकरण को दर्शाता है |

नारी में इतनी शक्ति होती है के वे अपने बच्चो को जन्म देने के अलावा खेल , शिक्षा , स्वास्थ्य , विज्ञान आदि क्षेत्रो में अपना लोहा मनवा चुकी है इसका साक्ष्य आज पूरी दुनिया है | महिलाये निर्बल नहीं होती है बल्कि हमारी सोच ही उसे निर्बल समझती है | 

निबंध 2 ( 300 शब्दों में ) – 

दुनिया की हर स्त्री एक जननी होती है | जननी देने वाली स्त्री का स्थान  कभी निचा नहीं हो सकता | ” महिला शशक्तिकरण ” का तात्पर्य इस बात से है के उन्हें आर्थिक , सामाजिक , वैयक्तिक आदि दृष्टिकोण से आत्मनिर्भर और स्वयं के न्याय आदि के लिए स्वतंत्र छोर दिया जाय | परन्तु आज महिलाओ की स्थिति अत्यंत दयनीय है |

समाज में फैली कुरीतियों के कारण आज महिला स्वयं को निर्बल और अक्षम मानती है | उन्हें सामाजिक बाध्यताओं और सीमाओं के साथ जीने के लिए बाध्य किया जाता है | प्रकृति के अनुसार महिलाओ को देवी माना जाता है | परन्तु आज हम उन्हें देवी नहीं बल्कि एक नौकर की तरह व्यवहार करते है |

women empowerment essay in hindi

 women empowerment essay in hindi – महिला शशक्तिकरण पर हिंदी निबंध 

आज महिलाये शिक्षा प्राप्त करने के दृष्टिकोण से स्वतंत्र नहीं है , उन्हें अपनी मर्जी के अनुसार जीवन जीने का अधिकार प्राप्त नहीं है | आज महिलायें बाजार , स्कूल , कॉलेज , खेल के मैदान , नौकरी के स्थल और अन्य सभी जगह जहाँ महिलाये अपनी पहुँच रखती है उन सभी जगहों पर महिलाओ के साथ अत्याचार  और बर्बरता किया जाता है | 

महिलाओ के साथ होने वाले अत्याचार और उत्पीड़न समाज में  हर तरफ देखने को मिलते है उन्हें कभी दहेज़ के नाम पर  प्रताड़ित किया जाता है तो कभी बाल – विवाह के दौरान उनके सपनो को कुचल दिया जाता है तो कभी उन्हें शिक्षा से वंचित कर अपंग  बना दिया जाता है | परन्तु हमे महिलाओ को सम्मान देना चाहिए उन्हें उनकी रुचियों के अनुसार भी जीने का अवसर प्रदान करना चाहिए |

एक नारी दुनिया के सभी मुसीबतो और समस्याओ से लड़ सकती है | हमे महिलाओ को आज शशक्त और सक्षम बनाने की जरुरत है अगर हमने उन्हें सक्षम बनाना शुरू कर दिया तो हम सफलता के और ज्यादह परिणाम प्राप्त कर सकते  है | क्योंकि महिलाये अत्यधिक मेहनती होती है हमे उन्हें सबल और आत्मनिर्भर बनाना चाहिए जिससे हम और जायदा उन्नत और सफल हो सकेंगे | 

निबंध 3 ( 500 शब्दों में ) – 

प्रस्तावना

महिला शशक्तिकरण के लिए सरकार के द्वारा भी कुछ सराहनीये कार्य किये जा रहे परन्तु उससे भी आशाजनक परिणाम प्राप्त नहीं हो रहे है | संविधान के द्वारा बनाये गए नियम तथा सरकार की योजनाए कितनी ही महत्वपूर्ण क्यों न हो किसी आम आदमी की मानसिक स्थिति को पूरी तरह बदल पाने में असमर्थ ही साबित होती है | नियम तथा कानून के अलावा हमे हमारी इंसानियत और नेकनीयती ही समाज को बदलने में एक विशिष्ट भूमिका निभा पायेगी | 

महिला शशक्तिकरण का महत्व – 

केंद्र की सरकार के द्वारा सर्वशिक्षा अभियान को सफल बनाने के लिए सन 2006 – 2007 में कस्तूरबा गाँधी वालिका आवासीय विद्यालय योजना का शुभारम्भ किया था | इस योजन के तहत कक्षा 6 – 8 तक अनुसूचित जनजाति , अनुसूचित जाती , अत्यंत पिछड़ा , अल्पसंख्यक आदि वर्ग के बालिकाओ के लिए निशुल्क आवासीय शिक्षा की व्यवस्था की गयी थी |

भारत सरकार द्वार अन्य योजनाओं  ” बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ ” आदि योजनाये महिलाओ को शशक्त बनाने के उद्देश्य से शुरू किया गया |  शशक्तिकरण से देश की बेटिया , महिलाये सभी को बल मिला है | महिला शशक्तिकरण ने देश को बदलने का सराहनीय कार्य किया है |

समाज में जिस तरह से महिलाओ को उत्पीड़ित किया जा रहा है , उनकी इक्षाओं का गाला घोंटा जा रहा है उन्हें उनकी रुचियों और स्वतंत्रता के विरुद्ध जीवन – यापन के लिए बाध्य किया जा रहा है , उनके सपनो को कुचल दिया जा रहा है आदि ढेर साड़ी कुरीतियाँ समाज में फैली हुयी है | अब महिला शशक्तिकरण से समाज में दबे – कुचले वर्ग की महिलाओ को काफी हद तक सुरक्षा और सहजता प्रदान हुयी है | 

उपसंहार –

सरकार के द्वारा विभिन्न योजनाए जैसे – बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ , सुकन्या समृद्धि योजना , प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजन आदि कई योजनाओं को शुरू किया गया था जिसक मकसद समाज में फैली कुरूतियो और कुसंगतियों को अंत करना था ताकि महिलाये स्वयं को शशक्त और सबल बना सके | जिसका सकारात्मक पक्ष भी समाज में देखने को मिलता है | 

 women empowerment essay in hindi – महिला शशक्तिकरण पर हिंदी निबंध 

समाज की कई साड़ी बेटियाँ आज पढ़ लिखकर स्वंय को आत्मा निर्भर और सबल बना पायी है इसमें कोई शक नहीं है परन्तु यह पूरी तरह से लाभप्रद साबित नहीं हो पाया है | आज भी समाज में वो सब हो रहा है है जो पहले हुआ करता था , हाँ अभी थोड़ा कर्म हुआ है मगर पूरी तरह से समापन नहीं हुआ है |

आज भी समाचारो के माध्यम से पता चलता है के किस तरह समाज की एक बेटी दहेज़ – प्रथा के कारन दुनिया को छोर चुकी है | परन्तु आज हम इसके जिम्मेदार स्वयं है हम मनुष्य ही राक्षस बन गए है इसमें सरकार की भूमिका पूरी तरह जिम्मेदार नहीं है |

हम ही अपनी गरिमा और देश की शान के दुश्मन बने हुए है | महिला शशक्तिकरण तब सफल होगा जब हम अपने कृत्य के प्रति ईमानदार होंगे और नारी का सम्मान करेंगे तब जाकर सरकार की योजन सफल होगी और हम एक सफल समाज का निर्माण कर सकेंगे | 

निबंध 4 ( 1000 शब्दों में )  – 

भूमिका –

महिला शशक्तिकरण का अर्थ इस ओर इंगित करता है की महिलाओं की समाज में जो दयनीय स्थिति है उस स्थिति में सुधार लाया जा सके | महिलाओ को उनका सम्मान और अधिकार प्राप्त हो सके | महिलाओ को समाज में पुरुषो की तरह समान अधिकार और अवसर मिले |

लिंग के आधार पर उसके साथ कोई भेदभाव न हो सके | महिला शशक्तिकरण इस बात की पुष्टि करता है की महिलाएं अपने जीवन की सभी निर्णय स्वंय लेने में सक्षम हो जाए | इस इंसान के तौर पर उन्हें वो सारे सुविधा और संरक्षण प्रदान हो जो अन्य लोगो को समाज तथा देश के द्वारा प्रदान किया  है | 

महिला सशक्तिकरण की परिभाषा – 

जिन प्रयासों के कारन महिलाये अपनी वास्तविक स्थान को प्राप्त कर अपने जीवन – यापन से जुड़ी प्रत्येक पहलु पर स्वयं निर्णय लेने में स्वतंत्र हो उसे महिला शशक्तिकरण कहा जाता है | 

महिला सशक्तिकरण में शिक्षा की भूमिका –

महिलाओ को उनका वास्तविक पहचान तथा समाज में उचित स्थान प्राप्त करने के लिए शिक्षा प्राप्त करना एक बहुत महत्वपर्ण विकल्प है | शिक्षा प्राप्त किये बगैर कोई भी अपना अधिकार तथा सम्मान प्राप्त नहीं कर सकता है |

भारत सरकार ने भी महिलाओ की शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए कई साड़ी योजनाओ को शुरू किया जिससे उन्हें सबल बनाया जा सके उदहारण के तौर पर  –  6 – 14 आयु वर्ग के बच्चो के लिए निःशुल्क शिक्षा का प्रावधान किया गया इसके अलावा भारत सरकार ने महिलाओ की शिक्षा सुधर के लिए विशेष रूप में कस्तूरबा बालिका आवासीय विद्यालय योजना की भी शुरुआत की जिसमे सिर्फ बालिकाओ को निःशुल्क शिक्षा के लिए एजेंडा तैयार किया गया | ये सभी गतिविधि कही न कही महिला शशक्तिकरण को दर्शाता है | 

महिला शशक्तिकरण में समाज की भूमिका –

महिला को उचित स्थान और उनका सम्मान वापस लौटाने में अगर कोई कायाकल्प भूमिका का निर्वहन कर सकता है तो वो समाज से बड़ा उदहारण कोई सरकार या उसकी नीतियाँ नहीं हो सकती है | जिस समाज ने महिलाओ के साथ उत्पीड़न शुरू किया है वही समाज अगर महिलाओ के लिए सम्मान अर्पित करने लगे तो वाकई यह एक चमत्कारिक कदम होगा महिलाओ की दशा में सुधार लाने के लिए |

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के अनुसार देश में हर एक घंटे में दहेज़ – प्रथा से उत्पीड़ित महिला की मौत हो जाती है | ये आँकड़े हमारे समाज की निरसंस अपराध को उजागर करती है | ये अपराध  हम समाज के द्वारा अंजाम दिया जाता है |

हमे हमारी गलतियों को ख़त्म करना होगा हमे समाज में फैली दहेज़ – प्रथा जैसी अन्य कुरूतियो को जड़ से समाप्त करना होगा और इस मुहीम हम समाज के लोग एक विशेष भूमिका निभा सकते है क्योंकि ये हमारे द्वारा किया गया एक घिनोना कृत्या है जिसे हमे स्वयं बदलना होगा | आज हम सभी ये बचन ले की कभी हम दहेज़ नहीं लेंगे और दहेज़ लेने वाली शादी – समारोह का पुरजोर विरोध करेंगे | तब हमारा समाज इस दंस से बाहर निकल पायेगा | 

भारत सरकार के द्वारा महिला शशक्तिकरण के लिए उठाये गए कुछ कदम – 

महिला शशक्तिकरण आज हमारे देश के लिए एक विशेष मुद्दा बन गया है | जहा एक ओर हम महिलाओ को निर्बल समझ कर उन्हें स्वंत्रता से जीना का अधिकार नहीं देते है उन्हें समाज की बेड़ियों से जकड़ कर उनके सम्मान को ठेस पहुँचा रहे है वही दूसरी ओर हम ये नहीं समझ पा रहे है के महिला हमारे लिए किस तरह उन्नति और समृद्धि का मार्ग है | भारत सरकार के द्वारा महिलाओ की स्थिति में सुधार लाने के लिए कुछ योजनायें शुरू किये जो इस प्रकार है – 

1. बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना 

2 . सुकन्या समृद्धि योजना 

3 . कस्तूरबा गाँधी वालिका विद्यालय योजना 

4 . दहेज निषेध कानून

5 . महिला शक्ति केंद्र योजना 

6 . सुरक्षित मातृत्व आश्वासन सुमन योजना आदि ! 

 भारत सरकार के द्वारा महिलाओ के कुछ अधिकार – 

1 . समान वेतन का अधिकार 

2 . गरिमा और शालीनता के लिए अधिकार

3 . संपत्ति पर अधिकार 

4 . कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ अधिकार  आदि !

उपरोक्त अधिकार महिला शशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए दिए गए है | महिलाये अपने क्षेत्र में पुरुषो के समान कार्य करने के दौरान सामान वेतन का हकदार होती है उसे लिंग के आधार पर कोई भेदभाव नहीं किया जा सकता है | अपनी गरिमा और शालीनता को बचने के लिए उनके पास अब एक निश्चित क़ानून मौजूद है जिसे वो प्रयोग में ला सकती है | पितृत्व सम्पति में भाई  – बहन दोनों का सामान अधिकार होता है ये कानून महिलाओ को उनकी आर्थिक दशा को सुधरने में मदद करेगी तथा अपने बच्चे को अस्तित्व में लाने के लिए स्वतंत्र रूप से मुक्त है वे अपनी आवश्यकता और रुचियों के आधार पर अपने भ्रूण की रक्षा कर सकती है | इन कानूनों की मदद से आज महिलाये कुछ हद तक स्वयं को संरक्षित महसूस कर पति है | 

उपसंहार  –

सरकार के द्वारा चलाये गए विभिन्न योजनाए और कानून के द्वारा भी आज भारत में बढ़ते भ्रष्टाचार के कारन महिलाये सुरक्षित होकर भी सुरक्षित नहीं है | देश में बलात्कार के मामले दिन ब दिन बढ़ते ही जा रहे है , दहेज़ से जुड़ी कई मामले दिन ब दिन बढ़ते ही जा रहे जहाँ हमारा समाज बदलना चाहिए वहीँ हमारा समाज अपराध के दलदल में आगे ही बढ़ता जा रहा है |

देश को संभालना काफी मुश्किल हो गया देश में कानून व्यवस्था भी इस समस्या से नपटने में विफल हो रही है | इतने सरे कानून बनने के बाद भी क्यों हमारा समाज बदल नहीं रहा है हम क्यों अपराध को अपना सर लगाए बैठे है | आज हमारा समाज किस कगार पर चला गया है हमे जरा सा भी अंदाजा नहीं होता है |

हम समाज को जलने से बचाने में असमर्थ महसूस कर रहे है | हमे जागना होगा हमे बदलना होगा हमारी नीतियों और सामजिक प्रथाओं को जड़ से समाप्त करना होगा तब जाकर हम इस अपराध से बहार निकल पाएंगे | तब ही हम एक शांतिप्रिय समाज और निरपराध पर्यावरण का निर्माण कर सकेंगे |

इस लेख को प्यार देने के लिए आपका शुक्रिया !

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